48 घंटे में चैन स्नैचिंग का खुलासा! पलिया पुलिस ने 3 आरोपियों को दबोचा, चैन-मोबाइल और बाइक बरामद
महिला से छिनैती के मामले में पुलिस की त्वरित कार्रवाई, प्रभारी निरीक्षक शिवाजी दुबे के नेतृत्व में टीम ने तीनों आरोपियों को किया गिरफ्तार


लखीमपुर खीरी। पलिया कोतवाली क्षेत्र में महिला से हुई चैन छिनैती के मामले का पुलिस ने 48 घंटे के भीतर खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक घटना में शामिल दो आरोपियों के साथ छिनैती का माल खरीदने वाले एक आरोपी को भी गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस प्रेस नोट के अनुसार, प्रभारी निरीक्षक पलिया शिवाजी दुबे के नेतृत्व में पुलिस टीम ने 27 सितंबर 2026 की सुबह करीब 7:28 बजे मानफार्म जाने वाले रास्ते पर केले के खेत के पास घेराबंदी कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शिवा पुत्र प्रेमचंद, पवन पुत्र रामरतन और अमरनाथ पुत्र भरत के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक शिवा और पवन पर महिला से चैन छिनैती करने का आरोप है, जबकि अमरनाथ पर छिनैती का माल खरीदने का आरोप लगाया गया है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से पीली धातु की एक चैन, तीन मोबाइल फोन, 590 रुपये भारतीय मुद्रा और 10 रुपये नेपाली मुद्रा बरामद करने का दावा किया है। इसके अलावा वारदात में इस्तेमाल की गई काले रंग की हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल UP-31-CC-5333 भी बरामद की गई है।
मामले में पलिया कोतवाली में मु0अ0सं0 288/26, धारा 304(2) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। बरामदगी के आधार पर पुलिस ने धारा 317(2) बीएनएस की बढ़ोतरी की है। पुलिस के अनुसार मोटरसाइकिल को एमवी एक्ट की धारा 207 के तहत सीज किया गया है।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पूर्व आपराधिक मामलों का भी उल्लेख प्रेस नोट में किया है। इनमें शिवा के खिलाफ हत्या, गैंगस्टर एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में दर्ज मामलों का विवरण दिया गया है, जबकि पवन के खिलाफ भी पूर्व के मुकदमों का उल्लेख है।
इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक शिवाजी दुबे के नेतृत्व वाली पुलिस टीम की त्वरित कार्रवाई खास तौर पर सामने आई है। घटना के बाद कम समय में आरोपियों तक पहुंचना और कथित रूप से छीनी गई चैन तथा वारदात में इस्तेमाल बाइक बरामद करना पुलिस की जांच कार्रवाई का अहम हिस्सा रहा।
पुलिस ने तीनों आरोपियों को आवश्यक विधिक कार्रवाई के बाद संबंधित न्यायालय के समक्ष पेश किए जाने की बात कही है। बरामद सामान और आरोपों की अंतिम कानूनी स्थिति न्यायिक प्रक्रिया में तय होगी।



